Wednesday, 4 December 2013

Inspiring personalities-Let us take a lesson from them

Inspiring personalities-Let us take a lesson from them

प्रेरक (प्रेरनादायक) - व्यक्तित्व हमें उनसे सीखना चाहिये

(1)सरसु थोमस(Sarasu Thomas) - सरसु थोमस पांच वर्स की आयु में पोलिओ की शिकार होगयी । वह wheel chair पर भी बैठने में असमर्थ है परंतु विकलांगता से हार नहीं मानी । अपनी तीन अन्गुलियों से लिखती हैं । इन्हों ने महापुरुषों के जीवन पर किताब लिख डाली है और लेखन जारी है । उनके जीवन का आदर्श है आत्मविश्वाश से जीवन की सभी बाधायें पार की जा सकती हैं ।
 (2) सुधा चन्द्रन(Sudha Chandran)- सुधा चन्द्रन ने एक दुर्घटना में एक पैर कट जाने के बावजूद  हार नहीं मानी और नकली पैर के सहारे नृत्य में पारंगत हूई । आज सुधा चन्द्रन का न्रृत्य की दुनियां में बडा नाम है और वो दुनियां के बहुतसे देशों में प्रस्तुति दे चुकी हैं । 
(3) महाकवी सूरदास(Maha Kavi Soordass)- जन्म से नेत्रहीन महाकवी सूरदास को किसी परिचय की आवश्यक्ता नहीं हॅ । जन्मांध होने के बावजूद उनके द्वारा भगवान की लीलाओं और प्रकृति के चित्रण ने विद्वानों को चकित किया हॅ ।
(4) हेलन क़ीलर(Helen Keeler)- अंग्रेजी की जानी मानी लेखिका  हेलन क़ीलर नेत्रहीन और सुनने में असमर्थ थी॰ परन्तु उन्होने न केवल बहुतसी विश्वविख्यात पुस्तकें ही लिखी बल्कि 30 से 40 देसों की यात्रायें भी की ।
Image curtsey-wikipedia
(5) विंसेंट विलियम वान गाग(Vincent Willem van Gogh)- आजीवन अवसाद में रहने वाले महान डच चित्रकार विंसेंट विलियम वान गाग  ने अपने साल के अल्प जीवन काल में 900 चित्र बनाये ।
(6) स्टीफन विलियम हकिंग(Stephen William Hawking)- मात्र 21 वर्ष की आयु में मोटर न्यूरान रोग(Motor Neurone Disease) के शिकार होजाने के बावजूद स्टीफन विलियम हकिंग हिम्मत नहीं हारे और कई उच्च पदों को  सुशोभित किया और अनेक पुरस्कार जीते ।
 (7) लुद्विग वान बीथोवेन(Ludwig van Beethoven) जर्मन संगीतकार लुद्विग वान बीथोवेन ने अपनी सुनने की शक्ति खो दी इसके बावजूद निराश नहीं हुये और ऍसी संगीत धुनें बनाई जिनका आज भी कोइ मुकाबला नहीं है ।




0 comments: